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उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠआहार- 10 से 12 माह
परिवार के अनà¥à¤¯ लोगों के लिठबना खाना शिशॠकब खा सकता है?
10 माह की उमà¥à¤° में, आपका शिशॠपूरी तरह से वह सब खाने के लिठतैयार नहीं होता, जो आप खा सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसका पाचन तंतà¥à¤° अà¤à¥€ पूरी तरह परिपकà¥à¤µ नहीं हà¥à¤† है। मगर, वह फिर à¤à¥€ आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना शà¥à¤°à¥ कर सकता है, बशरà¥à¤¤à¥‡ आप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को दूर रखें:
शहद: इसमें कई बार à¤à¤¸à¥‡ जीवाणॠ(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) मौजूद हो सकते हैं, जो इंफेंट बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® नामक दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी पैदा करते हैं। शहद à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की चीनी ही है, जिससे शिशॠके उà¤à¤°à¤¤à¥‡ दांतों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
कचà¥à¤šà¥‡ या अधपके अंडे: सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कीजिठकि अंडा सफेद और पीला हिसà¥à¤¸à¤¾ (जरà¥à¤¦à¥€) ठोस होने तक अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाया गया है।
कम वसा, कम कैलोरी वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨: शिशॠको अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ से बहà¥à¤¤ सारी ऊरà¥à¤œà¤¾ चाहिठहोती है, इसलिठकम वसा और कम कैलोरी वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ शिशॠकी सà¤à¥€ जरà¥à¤°à¤¤à¥‡ पूरी नहीं करते।
साबà¥à¤¤ मेवे: शिशॠको पांच साल का होने से पहले अखरोट या बादाम जैसे मेवे साबà¥à¤¤ खाने के लिठनहीं दें। ये शà¥à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— में अटक सकते हैं। हालांकि, पाउडर किठहà¥à¤ या बारीक पिसे हà¥à¤ मेवे या मेवों का बटर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसही रहते हैं।
नमक: बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक शिशॠके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ के लिठसही नहीं है, इसलिठउसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अतिरिकà¥à¤¤ नमक न मिलाà¤à¤‚। साथ ही, कोशिश करें कि शिशॠजो नमक वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाता है, उनकी मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ सीमित कीजिà¤, जैसे कि नमकीन, चिपà¥à¤¸, लंगूचा (सॉसेज) और पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत मांस आदि। सॉस से लेकर सीरियलà¥à¤¸ तक कà¥à¤› रेडीमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में नमक हो सकता है, इसलिठशिशॠको वे देने से पहले लेबल धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से पढ़ लें। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को à¤à¤• दिन में à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® (0.4 गà¥à¤°à¤¾à¤® सोडियम) से à¤à¥€ कम नमक खाना चाहिà¤à¥¤
चीनी: मीठे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‡ और पेय आपके शिशॠके दांतों के लिठसही नहीं हैं। इनसे उसे मीठा खाने का चसà¥à¤•ा लग सकता है। यदि आपको लगे कि शिशॠके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मीठा मिलाने की जरà¥à¤°à¤¤ है तो चीनी की बजाय फल जैसे कि मसला हà¥à¤† केला या किशमिश की पà¥à¤¯à¥‚री मिलाà¤à¤‚ या फिर शिशॠजो दूध पीता है, वह उसमें मिलाà¤à¤‚।
कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार की मछलियां: हांगर (शारà¥à¤•), तेगा (सà¥à¤µà¥‰à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¿à¤¶) या मारà¥à¤²à¤¿à¤¨ मछली में उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पारे के अवशेष हो सकते हैं। पारा शिशॠके बढ़ते तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। साथ ही, अपने शिशॠको कचà¥à¤šà¥€ सीपदार मछली à¤à¥€ नहीं दें। इससे ​à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ और पेट के संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा कम रहता है।
संतृपà¥à¤¤ वसा: जिन à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ में संतृपà¥à¤¤ वसा बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, उनमें शामिल हैं तले हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨, पकोड़े, चिपà¥à¤¸, बिसà¥à¤•िट और केक आदि। ये शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषण दिठबिना उसका पेट à¤à¤° देते हैं, इसलिठबेहतर है कि शिशॠको ये न दिठजाà¤à¤‚।
शिशॠके लिठ14 सबसे नà¥à¤•सानदेह à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में यहां और जानें।
इन à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के अलावा, आपका शिशॠपरिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठबना à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ खा सकता है। जो à¤à¥‹à¤œà¤¨ आप खा रही हैं, शिशॠà¤à¥€ वह खाना पसंद करेगा। आपको विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाते हà¥à¤ देखकर उसे à¤à¥€ सà¤à¥€ तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने का पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलेगा।
इसका मतलब यह कतई नहीं है कि परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ फीका à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना पड़ेगा। यदि अनà¥à¤¯ परिवारजन à¤à¥‹à¤œà¤¨ में थोड़ा और नमक या मिरà¥à¤š-मसाला चाहें, तो आप शिशॠके लिठथोड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ अलग निकालने के बाद उसमें मसाले मिला सकती हैं।
वह हर समय, अपना खाना सà¥à¤µà¤¯à¤‚ खाने में à¤à¥€ बेहतर होता जा रहा है। 10 माह का होने पर, शायद वह अपने आप चमà¥à¤®à¤š से खाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहा है, हालांकि इसमें उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सफलता नहीं मिल रही।
उसकी मदद और पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ करने के लिà¤, जब आप उसे खाना खिलाà¤à¤‚, तो उसे चमà¥à¤®à¤š पकड़ने दें। उसे हाथ में पकड़कर खाठजाने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ (फिंगर फूड) à¤à¥€ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दें, ताकि वह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ खा सके।
मेरे 10 से 12 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकौन से à¤à¥‹à¤œà¤¨ सबसे अचà¥à¤›à¥‡ हैं?
आपका शिशॠअब दिन में तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दो बार सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ ले रहा होगा। ​यदि नहीं, तो जलà¥à¤¦ ही लेने लगेगा। ऊपर दिठगठà¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के अलावा शिशॠके लिठà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ सेहतमंद आहार लगà¤à¤— वही होगा जो परिवार के अनà¥à¤¯ लोगों के लिठहै। मà¥à¤–à¥à¤¯ बात यह है कि शिशॠको पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¥‹à¤œà¤¨ समूहों में खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ वैरायटी खिलाई जाà¤:
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ताकि शिशॠको विटामिन और खनिज मिल सकें
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे कि चावल, पासà¥à¤¤à¤¾, बà¥à¤°à¥‡à¤¡, गेहूं, जई (ओटà¥à¤¸), सूजी और आलू ताकि शिशॠको ऊरà¥à¤œà¤¾ मिल सके
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ जैसे कि दाल-दलहन, राजमा, लोबिया और मूंग व साबà¥à¤¤ मूंग, सोया, मांस, मछली, अंडे, अचà¥à¤›à¥€ तरह कà¥à¤Ÿà¥‡ हà¥à¤ या पाउडर किठहà¥à¤ मेवे ताकि शिशॠको अचà¥à¤›à¥€ ​बढ़त व विकास मिल सके
संपूरà¥à¤£ वसा (फà¥à¤² फैट) वाले डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे कि दही, पनीर, चीज़ और कसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ आदि ताकि शिशॠके दांत व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत ​बनें। शिशॠका à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करने के लिठगाय का दूध इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है, मगर à¤à¤• साल का होने से पहले उसे मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय के तौर पर यह न दें। इसके बाद उसे फà¥à¤² फैट दूध दें।
सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध अà¤à¥€ à¤à¥€ शिशॠके आहार का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है। यही उसका मà¥à¤–à¥à¤¯ पेय होना चाहिà¤, साथ में आप उसे पानी à¤à¥€ दे सकती हैं।
मेरा शिशॠअब किस तरह की बनावट वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने चाहिà¤?
अब समय है कि शिशॠके आहार में कीमे की तरह पीसे हà¥à¤ व बारीक कटे हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के टà¥à¤•ड़े शामिल करना शà¥à¤°à¥ किया जाà¤à¥¤ हालांकि, शिशॠकी दाड़ 18 से 24 महीने की उमà¥à¤° के बीच आà¤à¤—ी। मगर उसके मसूढ़े इतने कà¥à¤¶à¤² अवशà¥à¤¯ होंगे कि वे à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤•र अचà¥à¤›à¥‡ से चबा सकें।
सलाह यही दी जाती है कि शिशॠके à¤à¤• साल का होने पर आप उसे हाथ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकड़ने, दांत से काटने, चबाने और निगलने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें। वरना कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ थोड़ा बड़े होने पर à¤à¥€ पà¥à¤¯à¥‚री किठया मसले हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना जारी रखते हैं।
आप अपने शिशॠको अलग-अलग बनावट वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दे सकती हैं। यहां कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकलà¥à¤ª दिठगठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप आजमा सकती हैं, जैसे:
सेब, नाशपती, खरबूजा, तरबूज और आम जैसे फलों की फांके छिलके हटाकर
पकाई हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे गाजर, गोà¤à¥€, पालक, लौकी, टिंडा, हरी गोà¤à¥€ और कदà¥à¤¦à¥‚/सीताफल
गà¥à¤°à¤¿à¤² या बेक की गई शकरकंदी और जिमिकंद
इडली और उपमा, जिनमें अलग-अलग सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिलाई गई हों
उतà¥à¤¤à¤ªà¤®, जिसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डाली गई हों
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ डोसा या अपà¥à¤ªà¤®
दाल या बेसन का चीला
सादा टोसà¥à¤Ÿ या दही वाला सूजी टोसà¥à¤Ÿ
दलिया
साबà¥à¤¦à¤¾à¤¨à¤¾ खिचड़ी
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के à¤à¤°à¤µà¤¾à¤‚ परांठे जैसे गोà¤à¥€, आलू, हरी मेथी पतà¥à¤¤à¥‡, मूली, पनीर, बारीक कटा सोया और उबला/कीमा किया हà¥à¤† चिकन या मटन
दाल की रोटी, जो आप पकी दाल आटे में मिलाकर बना सकती हैं
मालाईदार मिलà¥à¤•शेक और सूप
चीज़ या टमाटर की सॉस में बनाया गया पासà¥à¤¤à¤¾ या मैकरॉनी
चावल के साथ दाल, राजमा या छोले
सबà¥à¤œà¥€ पà¥à¤²à¤¾à¤µ या चिकन फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ राइस और दही
सूप के साथ चिकन नगेटà¥à¤¸ या बेक किया गया चिकन
चपाती के साथ कीमा
शिशॠके नाशà¥à¤¤à¥‡, दोपहर के खाने और रात के खाने की रेसिपी के लिठये आसान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• विकलà¥à¤ª आजमाà¤à¤‚!
शिशॠको कितने सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ की जरà¥à¤°à¤¤ होती है?
शिशॠके à¤à¤• साल का होने तक उसे अधिकांश जरà¥à¤°à¥€ पोषण ठोस आहार से ही मिलना चाहिà¤à¥¤ इसमें à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ शामिल हैं।
हालांकि, शिशॠका पेट छोटा सा होता है। वह à¤à¤• बार में इतना à¤à¥‹à¤œà¤¨ नहीं खा सकता, कि उसे अगले à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय तक à¤à¥‚ख ही न लगे। आप शिशॠके संकेतों को पहचानें और यदि वह à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के कà¥à¤› समय बाद फिर से à¤à¥‚खा लगे और तो आप अगले à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले बीच में उसे कà¥à¤› सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दे सकती हैं।
सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ को हलà¥à¤•े à¤à¥‹à¤œà¤¨ के तौर पर लें। सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं होनी चाहिठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तैयार करने में à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय नहीं लगना चाहिà¤à¥¤ बस उनका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र होना जरà¥à¤°à¥€ है। सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के कà¥à¤› अचà¥à¤›à¥‡ विकलà¥à¤ª हैं फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की फांकें, टोसà¥à¤Ÿ और छोटी इडली। शिशॠको कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤, इसके सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के लिठहमारा शिशॠके लिठसेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ देखें।
जब शिशॠकी पोषण संबंधी अधिकांश जरà¥à¤°à¤¤à¥‡à¤‚ ठोस आहार से पूरी होने लगेंगी तब शायद आप पाà¤à¤‚गी कि उसका दिन में à¤à¤• या दो बार का दूध पीना बंद हो गया है।
यदि आपके ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠके दांत निकल रहे हों, तो उसे शायद सखà¥à¤¤ फिंगर फूड चबाने से आराम मिलेगा। आप सेब या गाजर की फांकें या बà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• देकर देख सकती हैं।
छोटे गोलाकार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे अंगूर, चेरी, लीची और बेरी आदि को लेकर अधिक सावधान रहें। ये सब अपने शिशॠको देने से पहले थोड़ा और इंतजार करना बेहतर है।
फिर à¤à¥€, अगर आप ये फल शिशॠको देना चाहती हैं, तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आधा काटकर उसकी गà¥à¤ ली व बीज निकाल दें और छोटे टà¥à¤•ड़ों में काट दीजिà¤à¥¤ जब शिशॠयह खा रहा हो, तो पास ही रहिà¤, ताकि आप उस पर नजर रख सकें।
जब à¤à¥€ आप बाहर जाà¤à¤‚ हमेशा अपने बैग में शिशॠके लिठकà¥à¤› सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ रखें। पता नहीं ये कब काम आ जाà¤à¤‚!
मैं अपने शिशॠको पीने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ दे सकती हूं?
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध या सà¥à¤¤à¤¨ दूध अà¤à¥€ à¤à¥€ आपके शिशॠके आहार का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है। अगर, आप शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दे रही हैं, तो उसे à¤à¤• दिन में 500 मि.ली. (16.6 दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ औंस) और 600 मि.ली. (20 दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ औंस) दूध की जरà¥à¤°à¤¤ होगी।
गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के महीनों में, अधिकांश माताà¤à¤‚ इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं, कि शिशà¥à¤“ं के तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन की मातà¥à¤°à¤¾ किस तरह बढ़ाई जाà¤à¥¤ अगर आपको लगे कि शिशॠको और तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की जरà¥à¤°à¤¤ है, तो आप उसे फिलà¥à¤Ÿà¤° किया हà¥à¤† या उबला हà¥à¤† ठंडा पानी दे सकती हैं।
आप कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र पेय जैसे पानी मिलाकर फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के रस à¤à¥€ दे सकती हैं, मगर ये तब ही शà¥à¤°à¥ करें जब आपका शिशॠसादा पानी अचà¥à¤›à¥‡ से पीने लगा हो। कà¥à¤² 120 मि.ली. (4 दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ औंस) उसके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होगा।
अपने शिशॠको सोडा यà¥à¤•à¥à¤¤ या कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रस देना सही नहीं है। उनमें हानिकारक खाने के रंग और अनà¥à¤¯ चीजें मिली हो सकती हैं। इनमें मिलाई जाने वाली अतिरिकà¥à¤¤ चीनी शिशॠके दांतों में सड़न पैदा कर सकती है। मीठे पेयों के सेवन से मोटापा और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ पैदा होती हैं।
आपके शिशॠके à¤à¤• साल को होने के बाद, उसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 350 मि.ली. गाय के दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इससे उसे जरà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन बी12 व बी2 (राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨) पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं। आप उसे दूध से बने पेय, जैसे मिलà¥à¤•शेक, बादाम शेक, सà¥à¤®à¥‚दी, लसà¥à¤¸à¥€ या छाछ à¤à¥€ दे सकती हैं। अगर उसे दूध पसंद नहीं है, तो इसके बदले उसे दो हिसà¥à¤¸à¥‡ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® समृदà¥à¤§ à¤à¥‹à¤œà¤¨ दें।
अपने शिशॠको à¤à¤• दिन में 400 मि.ली. से अधिक दूध देना सही नहीं है। अगर आप à¤à¤¸à¤¾ करती हैं, तो उसकी ठोस आहार खाने की à¤à¥‚ख कम हो सकती है, जिससे उसे अनà¥à¤¯ जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µ जैसे आयरन और विटामिन मिलते हैं। यहां जानें कि 12 से 18 माह के बाद से आपका शिशॠकà¥à¤¯à¤¾ नई चीजें आजमा सकता है।
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